शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2013

कूप निर्माण की राशि अन्य कार्यों में व्यय

खुरई। अभी तक ग्राम पंचायतों में महिला सचिव एवं सरपंचों की अनदेखी के कई मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अब महिलाएं भी शासन की योजनाओं और राशियों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से ग्राम पंचायते चलाने में माहिर हो गई हैं।

खिमलासा पंचायत में भी महिला सरपंच श्रीमती पार्वती चढ़ार द्वारा ऐसी अनियमितता देखने में आई है। हाल ही में निर्माण कार्य की राशि को अन्य मद जिनमें पंचायत की जल व्यवस्था में लगे वाहन, कर्मचारियों का वेतन व अन्य मदों में व्यय करने का मामला प्रकाश में आया है। बीना-मालथौन टू-लेन सड़क के निर्माण के समय एक कुआं सड़क के बीच आ रहा था, जिसे निर्माण कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बंद कर उसके   ऊपर से सड़क बना दी, क्षतिपूर्ति हेतु रघु कंस्ट्रक्शन कंपनी ने नए कूप के निर्माण के लिए पंचायत खाते में ४ लाख ९२ हजार रुपए जमा करा दिए थे। पंचायत द्वारा उक्त राशि से कूप निर्माण का कार्य करवाया गया, लेकिन उसे पूर्ण न कराकर आधा-अधूरा ही छोड़ दिया। 

यह अधूरा निर्माण आए दिन हादसों को आमंत्रण दे रहा है। चूंकि कुएं की मुंडेर नहीं बनी है, इस वजह से पानी भरने वाली महिलाओं एवं बच्चों के कुएं में गिरने की आशंका हमेशा बनी रहती है, साथ ही साथ चाहे जब जानवर उसमें गिर जाते हैं। प्रदूषित कीचड़ भी कुएं में प्रवेश कर उसके पानी को प्रदूषित कर रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा कूप निर्माण में पूरी राशि व्यय नहीं की गई है, इस वजह से कूप निर्माण अधूरा है। जानकारी लेने पर मालूम चला कि पंचायत द्वारा लगभग ३ लाख १२ हजार रुपए की राशि ही कूप निर्माण में व्यय की गई है। शेष राशि १लाख ८० हजार रुपए बचना थी, लेकिन पंचायत खाते में मात्र ८०० रुपए ही शेष बचे है। पंचायत सचिव से पूंछे जाने पर उसने बताया कि बकाया राशि जल वितरण व्यवस्था एवं अन्य मद में व्यय की गई है। जल उपभोक्ताओं से राशि वसूल की जाकर शेष कार्य पूर्ण किया जा सकेगा।

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