रहली। बुदेलखण्ड क्षेत्र देश का पिछड़ा इलाका है यहां पर अशिक्षा तथा बेरोजागरी अधिक है। रोजगार के लिए कृषि तथा पशुपालन प्रमुख आधार है बुदेलखंण्ड में देशी नस्ल के पशु अधिक है लेकिन उनकी दुग्ध क्षमता कम है नस्ल सुधारने से दूध उत्पादन क्षमता बढ़ेगी यह बात नस्ल सुधार अभियान के तहत गजानन ग्रुप द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में पीयूष भट्ट ने कही ।
उन्होंने कहा कि बुदेलखण्ड में पशु वंश अधिक है लेकिन उनकी बेहतर देखरेख नहीं होने से वे बोझ नहीं रहेगा। पार्षद देवराज सोनी ने कहा िक इस क्षेत्र में गौवंश की मान्यता अधिक है और देशी नस्ल बढती महंगाई के चलते उतनी लाभकारी नही है जितनी की दुधारू नस्ल लाभदायी है पार्षद सुरेश राठौर ने कहा गजानन ग्रुप का नस्ल सुधार अभियान के प्रति जागरूकता सराहनीय प्रयास है उन्होंने उपस्थित नागरिको से सहयोग करने की अपील की । संचालन विकास चैरसिया तथा आभार गजानन ग्रुप अध्यक्ष श्यामू चौरसिया ने माना । इस अवसर पर पप्पू जैन, बाबू यादव, जगभान यादव, सत्तू ठाकुर,अनिल सोनी, सनी जैन, अमित जैन, सतीश ,रामकुमार, शिब्बू आदि उपस्थित थे।
प्रशासन की उदासीनता से अपराधों में वृद्धि
रहली। शहर में इन दिनों प्रशासन की उदासीनता बनी हुई है इस कारण अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर है। अपने बुलंद हौसलों के सहारे वे मनमाने अपराधों को अंजाम तक पहुंचाने में लगे है। विगत दिनों ग्राम छिरारी में दो बडी जघान्य घटनाएं घटित हो चुकी है फिर भी पुलिस सहित स्थानीय प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है और आगामी समय किसी जघन्य घटना घटित होने का पुन: इंतजार कर रहा है क्षेत्र में अब अवैध कारोबार की स्थिती फल फूल रही है अवैध शराब तथा रेत माफिया अपने दबंगाई अंदाज में अपना कारोबार बढ़ा रहें है। स्थानीय प्रशासन का लचर रवैया भी मिली भगत की ओर इशारा करता है अवैध लकडी कटाई तथा अवैध वनोपज का संग्रह एवं विक्रय का भी कारोबार अपनी जडें प्रशासनिक सहयोग से जमा रहा है। जानकार सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में अवैध उत्खानन से शासन को करोडों रुपयों का राजस्व का चूना ठेकेदारों द्वारा लगाया जा रहा है प्रशासन के उदासीन रवैऐ से आम नागरिकों में भय व्याप्त होता जा रहा है।
द्वारकापुरी तीर्थदर्शन योजना यात्रा प्रारंभ
रहली । मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत 15 जनवरी को द्वारकापुरी के लिऐ आवेदन आमंत्रत की जाते है उक्त जानकरी तह. नाजिर महेन्द्र खरे द्वारा दी गई । अभी तक द्वारकापुरी तीर्थदर्शन हेतु मात्र एक आवेदन प्राप्त हुआ है। जो भी क्षेत्रवासियों को द्वारकापुरी जाना चाहते हैं 15 जनवरी के पहले आवेदन जामा कराएं।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें