
सागर। नोबल कालेज में 12 एवं 13 जनवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय उन्नीकरण सहकार्यशाला सफलता पूर्वक संपन्न हुई। जिसमें ‘शिक्षण सामग्री के माध्यम से सीखने के माहौल बनाने’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागियों ने भाग लिया।
उद्घाटन पर कार्यशाला की समन्वयक डॉ. पूर्वा जैन ने कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। अध्यक्षता बिजेन्द्र देवलिया ने की। मुख्य अतिथि डॉ. राजेन्द्र पाल एवं विशिष्ट अतिथि राजेश कुमार निमेश सम्मान अतिथि एचएस बैस थे। आभार डॉ. अनराधा पांडे ने माना समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. जीएस गिरी अधिष्ठाता स्कूल आॅफ एज्युकेशनल स्टडीज डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय थे।
कार्यशाला का प्रतिवेदन कनवीनर सुश्री गीताजंली बासवानी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री मोनिशा मिश्रा एवं श्रीमती निशा ब्यास ने किया। दो दिवसीय कार्यशाला का मुख्य आकर्षण कठपुतली नाटक एवं विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई शिक्षण सामग्री की प्रदर्शनी रही। प्रतिभागियों को हाऊ टू डेवलप पपेटस फार डेवलप एज्युकेशन डिजिटल कन्टेन्ट, डेवलपमेंअ आॅफ ट्रासपेरन्सीस फॉर एड पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन विषय में ज्ञान प्रदान किया गया साथ ही साथ इस सभी में उनके कौशल का भी विकास किया गया।
कार्यशाला में विभिन्न प्रतिभागियों के अलावा विश्वविद्यालय से डॉ. प्रतिभा पांडे, डॉ. दीपक व्यास, डॉ. रानी दुबे, डॉ. च्रदंकांता जैन, डॉ. रश्मि जैन, डॉ. ममता पटेज, सहायक कुलसचिव पाल एवं सतीश कुमार विभिन्न कालेजों एवं स्कूलों के संचालक एवं प्राचार्य उपस्थित थे।



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