राहतगढ़। उत्तर भारत सहित समूचा मध्यप्रदेश भी ठंड की चपेट में आ गया है। जिसका प्रकोप विगत् रात्रि देखने को मिला। ठंड की वजह से घरों में रखे बर्तनों पर बर्फ जम गई जिससे सब्जी उत्पादक किसानों की सब्जी की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई।
पास के ग्राम गाजीखेड़ा निवासी भगवानदास यादव ने बताया कि मेरे द्वारा लगभग 5 एकड़ में सब्जी की फसल बोई गई थी जो विगत रात्रि अत्याधिक ठंड के कारण पाला पड़ने से टमाटर, बैंगन व पपीते की फसल तबाह हो गई जिससे अपूर्णीय आर्थिक क्षति हुई है। सागौनी उमरिया निवासी कृषक वृन्दावन यादव एवं किटुआ के हरनामसिंह कुर्मी का कहना है कि तुषार पाला से हम लोगों की चना एवं मसूर की फसलों पर भी प्रभाव पड़ने से बर्बाद हो गई हैं। यह तो एक बानगी मात्र है, क्षेत्र के लगभग हर किसान की यही दुर्दशा हुई है, सब्जी फसल के साथ-साथ चना, मसूर, तेवरा, बटरी, अरहर, तुवर सहित गेहँू पर भी पाले का आंशिक नुकसान दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के किसानों ने शासन से पाले से बर्बाद हुई फसलों का सर्वेक्षण कराया जाकर उचित सहायता दिलाए जाने की मांग की है।




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