शनिवार, 16 फ़रवरी 2013

दोपहर में जमकर बरसे बादल: न्यूनतम तापमान 13 डिसे तक पहुंचा

सागर।  शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल डेरा जमाए रहे। सूर्य भगवान भी बादलों के पीछे छिपे रहे। इस बीच चल रही ठंडी सर्द हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी। दोपहर करीब 1 बजे आसमान में छाए काले बादल बरस पड़े। एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर में 9 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के रूकने के बाद सर्द हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। शाम होते -होते वातावरण सुहावना हो गया। हो रही बे-मौसम बरसात से फसलों को फायदा होने की संभावना है।


पारा सामान्य से 3 डिसे नीचे


बारिश होने एवं चल रही ठंडी हवाओं ने न्यूनतम तापमान भी गिरा दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 22 डिसे दर्ज किया गया जो सामान्य से 6 डिसे कम था। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3 डिसे नीचे पहुंचकर 13.4 रहा। आर्दता भी बढ़ गई सुबह 98 एवं शाम को 84 प्रतिशत रही। गौरतलब है कि विगत सप्ताह से ही मौसम में नर्मी बनी हुई है। सर्द हवाओं और हलकी बूंदाबांदी ने पारा को गिरा दिया है। शुक्रवार तक अधिकतम तापमान 23.3 डिसे था और न्यूनतम तापमान 16 डिसे था। शनिवार को मौसम ने करवट बदली और पारा 3 डिसे लुड़कर 13 पर पहुंच गया।


खूब बरसे बदरा


एक बजे से एक घंटे जोरदार बारिश हुई। शहर पानी से तरबतर हो गया। एक घंटे की बारिश में 9 मिमी बारिश दर्ज हुई। शहर की सड़कों पर कीचड़ फैल गई। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि सुबह से ही हलकी बूंदा बांदी हो रही थी। मौसम खराब होने के कारण कई लोगों ने अपनी यात्राएं निरस्त कर दी। कार्यालयों में भी लोगों की कम भीड़ रही। रेलवे स्टेशन बस स्टैंड पर लोगों का जमावड़ा रहा।


नाश्ते की दुकानों पर रही भीड़


शनिवार को मौसम सुहावना होने के कारण बाजारों में चाय-नाश्ता की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही। लोग चाय की गर्म-गर्म चुस्कियां लेते नजर आए। दोपहर को हुई झमाझम बारिश ने दुकानदारों की चांदी काट दी। कटरा बाजार, सिविल लाइंस, बस स्टैंड जैसी प्रमुख स्थानों पर लोग गर्म-गर्म समोसा, मगौड़ी खाते देखे गए।


बारिश से फसलों को फायदा


जानकारों की माने तो हो रही इस बरसात से किसानों को काफी फायदा है। खेतों में चने, गेहूं, मसूर, बटरी की फसलें लगी हुई हैं। इन फसलों को पानी मिल जाने से इनकी पैदावार भी बढ़ जाएगी। चने की फसल लगभग आ चुकी है। फिर भी पानी से चने की फसल को भी फायदा है। गेहूं की फसल विगत एक माह में आएगी।अभी गेहूं की फसल हरी होने के कारण बारिश सबसे ज्यादा लाभ इसे ही मिलेगा। साथ ही अन्य सब्जियों के लिए भी यह लाभदायक है।


रूक-रूक कर बरसते रहे बदरा


बीना। पिछले कुछ दिनों से लोगो को कपकपाती ठंड से राहत का एहसास हो ही रहा था कि आसमान पर डेरा डाले बादलों ने बरसना शुरू कर दिया। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में ओले गिरे तो शहर में तेज बारिश और हवाओं ने मौसम में फिर से ठंडक घोल दी। शनिवार को पूरे दिन रूक-रूक कर तेज बारिश होती रही जिससे ठंड बढ़ गई और लोग अपने घरों में कैद होकर दुबके रहे। दोपहर लगभग 4 बजे के बाद मौसम कुछ सामान्य हुआ किंतु शाम को पुन: बारिश होने लगी।

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