बीना। प्रथम श्रेणी न्यायाधीश आरके देवलिया की कोर्ट में चल रहे छेड़छाड़ के एक मुकदमें में आरोपी को एक साल की सजा तथा जुर्माना लगाया गया है। घटना के बाद मात्र 10 दिनों में न्यायाधीश द्वारा फैसला सुनाए जाने से फरियादी पक्ष को राहत मिली है तथा ऐसे लोगों को एक सबक भी न्यायालय ने दिया है जो महिलाओं और बच्चियों पर बुरी नियत रखते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जनवरी को ग्राम पथरिया थाना आगासौद निवासी एक लड़की को गांव के ही वीरसिंह पिता रतिराम चढ़ार ने बुरी नियत से पकड़ लिया तथा उसके साथ अभद्रता की। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करके 21 जनवरी को चालान प्रस्तुत किया। न्यायाधीश आरके देवलिया ने पांच दिनों की छुट्टी सहित दस दिन के भीतर मामले की सुनवाई कर आरोपी को एक साल की सजा तथा 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
संभवत: यह पहला मामला है जब किसी न्यायालय ने मात्र पांच दिन की सुनवाई में ही आरोपी को सजा सुना दी हो। इस प्रकरण से आम जनता में खुशी और राहत का माहौल बरकरार है। सभी का मानना है कि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में यदि इसी तरह जल्दी सुनवाई होकर आरोपियों को सजा मिलती रहे तो शीघ्र ही यह समाज ऐसे अपराधों और अपराधियों से मुक्त हो जाएगा।
संभवत: यह पहला मामला है जब किसी न्यायालय ने मात्र पांच दिन की सुनवाई में ही आरोपी को सजा सुना दी हो। इस प्रकरण से आम जनता में खुशी और राहत का माहौल बरकरार है। सभी का मानना है कि बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे मामलों में यदि इसी तरह जल्दी सुनवाई होकर आरोपियों को सजा मिलती रहे तो शीघ्र ही यह समाज ऐसे अपराधों और अपराधियों से मुक्त हो जाएगा।



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