बीना। जिला चिकित्सालय में हाल ही बने एक हॉल की छत मरीजों पर आ गिरी जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को गंभीर अवस्था में सागर रिफर किया गया है। सनद रहे कि इस घटिया निर्माण की शिकायत भी की गई थी परंतु ध्यान नहीं दिया।
शासकीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर हमेशा प्रश्न चिन्ह लगते रहे हैं। सरकारी काम करने वाले ठेकेदार आम तौर पर गैर अनुभवी लोगों को राजनैतिक दवाव में आकर पेटी कांट्रेक्ट दे देते हैं। कार्य की गुणवत्ता का इंजीनियरों के भ्रष्टाचार के चलते कोई आंकलन नहीं किया जाता है जिसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ता है। शासकीय चिकित्सालय में कुछ माह पूर्व ही हॉल का निर्माण कार्य हुआ था। सोमवार को उक्त हॉल की छत अचानक गिर जाने के कारण उसमें दो लोग दब गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय चिकित्सालय के 30 बिस्तर हॉल की छत का पलस्टर पिछले कई दिनों से धीरे-धीरे उखड़ रहा था। मामले की जानकारी डॉ.बलवीर कैथोरिया द्वारा पीडब्लूडी विभाग एवं संबंधित चिकित्सालय अधिकारियों को कुछ माह पूर्व दी थी। अपनी शिकायत में डॉ.कैथोरिया ने यह आशंका भी जताई थी कि पलस्टर उखड़ने से छत धराशाई हो सकती है और मरीजों की जान पर भी बन सकती है। किंतु संबंधित अधिकारियों ने पलस्टर वाले स्थान पर लीपा पोती कर मरम्मत करा दी थी।
सोमवार को अचानक उक्त छत का पलस्टर भरभराकर गिर गया जिससे उक्त वार्ड में अपना इलाज करा रहे नन्नू अहिरवार उम्र 40 वर्ष एवं उसका पिता सुन्नू अहिरवार उम्र 60 वर्ष निवासी लायरा दब गए और बुरी तरह घायल हो गए। डॉ.बलवीर कैथोरिया को जैसे ही घटना का पता चला उन्होंने तुरंत अस्पताल पहुंचकर मरीजों की व्यवस्था कराई तथा ड्यूटी पर मौजूद डॉ.नमिता गर्ग की सहायता इलाज में की। डॉ.कैथोरिया ने बताया कि नन्नू अहिरवार को सिर में अंदरूनी चोट लगने क कारण अर्धचेतन अवस्था में आ गया था उसकी हालत देखते हुए उसे तत्काल जिला चिकित्सालय रैफर किया गया है।



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