खुरई। महंगाई के इस दौर में अध्यापकों की मांग जायज है। समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। मैं इस मामले को विधानसभा में उठाऊंगा कि समाज का निर्माण करने वाले शिक्षकों को उनके मेहनताने का पूरा वेतन समान रूप से क्यों नहीं दिया जाता। इस संबंध में विधायक अरूणोदय चौबे ने एक ज्ञापन भी तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपे जाने की बात अध्यापकों से कही।
सोमवार के दिन अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर अध्यापक संघ ने सैकड़ों की संख्या में विधायक निवास पर पहुंचकर विधायक श्री चौबे को सौंपा। अध्यापक संघ ने मांग की है कि उन्हें समान कार्य के बदले समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। महंगाई के इस समय में इतने कम वेतन में गुजारा नहीं हो रहा है। अपने उदबोधन में बोलते हुए अध्यापक प्रवीण नायक ने कहा कि शिवराज सरकार हमेशा से घोषणाएं करती आ रही है, लेकिन अभी तक कारगर कदम इस ओर नहीं उठाया गया है, यदि शीघ्र ही मांगों पर अमल नहीं किया गया तो भाजपा सरकार को प्रदेश से उखाड़ फेकेंगे।
विधायक श्री चौबे ने अपने उदबोधन में शिक्षकों को बताया कि वे हर संभव प्रयास करेंगे कि जिससे कि उन्हें उनकी मांगों के अनुसार वेतन मिल सके। इसके लिए वे नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से भी शिक्षकों की मुलाकात करवाकर उनकी समस्या से अवगत कराएंगे। इस मौके पर अध्यापक संतोष सोनी, रामविशाल मिश्रा सहित कई शिक्षक उपस्थित थे।
तालाबंदी कर संविदा शिक्षक रहे अवकाश पर
सागर। अध्यापक संविदा शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार को संविदा शिक्षक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहे। प्रथम दिन जिले के हजारों संविदा शिक्षकों ने आवेदन पत्र भरकर अवकाश पर चले जाने से 70 प्रतिशत स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति रही। संभागीय अध्यक्ष राममिलन मिश्रा ने बताया कि जिले के 11 विकासखंडों का भ्रमण कर सामूहिक अवकाश आवेदन पत्र भरवाए गए। जिससे जिले की शैक्षणिक व्यवस्था ठप हो गई। यदि प्रशासन इस पर तत्काल कोई निर्णय नहीं लेता है तो जिले सहित पूरे प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था ठप हो जाएगी। इस मौके पर संभागीय सचिव आलोग गुप्ता, बलवंत यादव, संजू दुबे, आरडी अहिरवार, ललित तिवारी आदि ने भी अपने विचार रखे। पीली कोठी के बाजू वाले मैदान में धरना दिया गया। और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन 20 फरवरी को सौपे जाने का निर्णय लिया गया।




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