सागर। बीते कुछ समय से ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं जहां पुलिस घटना के बाद तत्काल हरकत में नहीं आती। जिससे आरोपी भाग निकलते हैं और पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठक जाती है। मामला जब तूल पकड़ता है तो बाद में पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए पूरा दम लगाती है। लेकिन कोई कामयाबी उसे हाथ नहीं लगती। सीएसपी प्रमोद सोनकर के आने के बाद ऐसे दो बड़े मामले सामने आए हैं जहां यदि पुलिस घटना के समय सक्रियता दिखाती तो आरोपी आज पुलिस गिरफ्त में होते।
ताजा मामला युवा कांग्रेस नेता अभिषेक दुबे की हत्या का है। जहां गोली मारने के बाद डॉ. पीएस ठाकुर अस्पताल से फरार हो जाते हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाती है। इसी तरह का मामला बीना निवासी रिचा तिवारी का है। जहां रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाली रिचा तिवारी अपनी मां और अन्य साथी के साथ मिलकर पुलिस को तीन दिन तक छकाती रही। आखिर वह फरार हो गई और पुलिस बाद में उसे खोजती रही। लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका है।
संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभिषेक दुबे की हत्या के आरोप में फरार चल रहे डॉ. पीएस ठाकुर की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी चल रही है। दोपहर करीब 1 बजे सीएसपी प्रमोद सोनकर पुलिस बल के साथ डॉ. पीएस ठाकुर की चैतन्य हॉस्पिटल में पहुंचे और कार्रवाई की। पुलिस डॉ. ठाकुर को खोजने के लिए काफी उठा पटक कर रही है लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। और आरोपी बे-खौफ घूम रहे हैं।
पुजारी संघ ने रढ को ज्ञापन सौंपा
क्षेत्र के पुजारी संघ ने आरोपी डॉ. ठाकुर को शीघ्र गिरफ्तार करने के लिए सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि स्व. अभिषेक दुबे की हत्या से पुजारी संघ दुखी है और आरोपी के न पकड़े जाने से आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि हम सब विधि में अखंड विश्वास रखते हैं अत: आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। नहीं तो हम सब आंदोलन के लिए विवश होंगे। इसके लिए हम चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
भागने का मिल जाता है मौका
चार-पांच माह पहले रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर क्षेत्र में ठगी कर रहा गिरोह पुलिस के दरबाजे पर खड़ा था लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकी। बीना निवासी रिचा तिवारी ने छह लाख की लूट की झूठी कहानी पुलिस को सुनाई थी। रिचा तिवारी के साथ उसके एक अन्य साथी डॉ. शुभम एवं उसकी मां भी पुलिस की नजरों में थी। तीन-चार दिनों तक पुलिस उनसे पूछताछ करती रही लेकिन पुलिस रेलवे में नौकरी के रेकिट का भंडा फोड़ नहीं कर सकी। समय गुजर जाने के बाद जब पुलिस को मालूम हुआ कि यह गिरोह क्षेत्र के लोगों को ठग रहा है तो तब तक देर हो चुकी थी और आरोपी पुलिस की पहुंच से दूर हो गए थे। पुलिस कई माह गुजर जाने के बाद भी उन्हें नहीं पकड़ सकी है। इसी तरह शहर में चर्चा है कि अभिषेक दुबे को गोली लगने के बाद आरोपी डॉ. ठाकुर स्वयं अभिषेक को तिली अस्पताल लेकर गए थे। पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई और आरोपी डॉक्टर फरार हो गए।
कार्रवाई की जा रही है...
अभिषेक दुबे की हत्या के आरोपी डॉ. पीएस ठाकुर की तलाश की जा रही है। जहां तक उनकी संपत्ति कुर्क करने का सवाल है तो उनके खिलाफ सभी वैद्यानिक कार्रवाईयां जारी हैं। दोपहर को चैतन्य हॉस्पिटल जाकर कार्रवाई की गई। रेलवे में नौकरी लगाने के ठगों की तलाश की जा रही है जिसके लिए कईपार्टियों को बाहर भेजा गया है।
उरढ प्रमोद सोनकर




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